भाजपा नेता अर्जुन सिंह और आईएनटीटीयुसी जिला सचिव अभिजीत घटक के बीच जुबानी जंग:
1 min readबैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह आज आसनसोल नगर निगम के चुनाव प्रचार के लिए शहर में पहुंचे यहां उन्होंने कई जनसभाओं को संबोधित किया ऐसे ही एक जनसभा को संबोधित करते हुए अर्जुन सिंह ने आसनसोल उत्तर के विधायक राज्य के कानून लोक निर्माण मंत्री मलय घटक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि मलय घटक को उनसे बेहतर कोई नहीं जानता वह एक वकील थे जिनकी फीस बेहद कम थी लेकिन आज वह 2000 करोड़ के मालिक हैं आज उन्होंने सवाल किया कि एक बेहद कम फीस वाला वकील दो हजार करोड़ का मालिक कैसे बन सकता है वहीं केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 1954 के कानून में बदलाव करने के फैसले का पश्चिम बंगाल द्वारा विरोध किए जाने पर भी कटाक्ष किया उन्होंने कहा की आईएएस आईपीएस ऑफिसर के डेपुटेशन संबंधित 1954 के नियमों में जो बदलाव किया जा रहा है उसको लेकर सबसे ज्यादा तकलीफ पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र तमिलनाडु की सरकारों को हो रही है ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार आईएएस आईपीएस अफसरों के द्वारा सभी प्रकार के अनैतिक कार्य करवाते हैं और जब केंद्र इस पर नकेल कसना चाहती है तो पश्चिम बंगाल सरकार इसका विरोध कर रही है हालांकि जब इस संदर्भ में हमने टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिजीत घटक से बात की तो अभिजीत घटक ने अर्जुन सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि वह मलय घटक पर 2000 करोड़ रुपए के मालिक होने का आरोप लगा रहे हैं क्या उनके पास इस बारे में कोई सबूत है अगर नहीं तो वह बेबुनियाद आरोप क्यों लगा रहे हैं उन्होंने कहा कि उनका पूरा खानदान पिछले लगभग 100 सालों से आसनसोल शिल्पांचल में वकालत करते आए हैं एक समय था जब आसनसोल अदालत में आने वाले 80% मामले मलय घटक के पास आया करते थे ऐसे में उनके संपत्ति को लेकर सवाल उठाना बेफिजूल है वहीं उन्होंने अर्जुन सिंह पर ही गैर कानूनी कोयला पैच चलाने का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह इस पूरे कोयलांचल में नामी बेनामी तरीके से अवैध कोयले का कारोबार करते हैं और वह खुद शायद 2 नहीं 20 हजार करोड़ के मालिक हैं वही आईएएस आईपीएस अफसरों के डेपुटेशन संबंधी कानून में तब्दीली को लेकर अभिजीत घटक ने कहा कि यह दशकों पुराना कानून है जो भारत के संघीय ढांचे की रक्षा करती आई है इस कानून में तब्दील करके केंद्र सरकार भारत के संघीय ढांचे पर आघात करना चाहती है उन्होंने कहा कि आखिर केंद्र सरकार को डर क्यों है अगर आईएएस आईपीएस अफसरों के डेपुटेशन का हक राज्य सरकारों के पास रहेगा तो इसमें केंद्र सरकार को डरने की क्या बात है












