shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday
November 5, 2026

Asansol Times

Asansol Times News

WhatsApp Image 2025-05-17 at 11.36.44 AM
WhatsApp Image 2025-05-17 at 11.36.45 AM
WhatsApp Image 2025-05-05 at 10.37.07
WhatsApp Image 2024-12-02 at 3.16.11 PM
g1
G2
logo
rajhans FNL
asn
WhatsApp Image 2023-11-13 at 3.05.53 PM
IMG-20220308-WA0001
IMG-20220314-WA0011
Slide
file_00000000b4247208a6608831137125d0
IMG-20260623-WA0039

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अंगदान दिवस पर जागरूकता वेबिनार:

1 min read

आसनसोल :अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, पश्चिम बंगाल प्रांत, के अंगदान प्रकल्प के तहत “अंगदान – क्यों, कब और कैसे?” विषय पर 6 अगस्त को ऑनलाइन वेबिनार, प्रांतीय नेत्र अंगदान प्रमुख पूनम अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। प्रांतीय संपादक मधु डुमरेवाल ने कहा इस आयोजन का उद्देश्य अंगदान के महत्व, प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में जागरूकता फैलाना है।
प्रांतीय अध्यक्ष बिनीता अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा शरीर नश्वर है, आत्मा पुराने शरीर को छोड़कर नए शरीर को अंगीकार करती है, शरीर तो चोला मात्र है। जिस तरह हम छोड़े जाने वाले पुराने कपड़े के बटन, डिजाइन काटकर किसी दूसरे कपड़े में लगा पुनः उपयोगी बना लेते हैं। इसी तरह मृत्युपरांत अगर शरीर का कोई भाग किसी दूसरे के काम आ जाए तो कितना अच्छा हो, इससे किसी को नवजीवन मिल सकता है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शारदा जी लखोटिया ने इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की। राष्ट्रीय नेत्र अंगदान प्रमुख रेनू अग्रवाल ने बताया कि पूरे राष्ट्र की सभी शाखा बहने अंगदान पखवाड़ा के तहत इस जागरूकता कार्यक्रम में लगी हैं, वो दिन दूर नही जब प्रत्येक व्यक्ति जागरूक होगा। मोहन फाउंडेशन की क्वालिटी ऐस्युरेंस आफिसर डाक्टर हेमल कानविंदे मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित थीं। उन्होंने अंगदान के विभिन्न पहलुओं पर गहन जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंगदान कैसे जीवन बचा सकता है और इसके लिए क्या-क्या आवश्यकताएँ होती हैं। डाक्टर कानविंदे ने यह भी समझाया कि अंगदान के लिए किस प्रकार की प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है और इसमें कौन-कौन सी चुनौतियाँ होती हैं और किस तरह हम इसकी जागरूकता कर सकते हैं। उन्होंने एंजल ऑफ चेंज के बारे में भी विस्तार से बताया। भारत में अभी करीब 10000 अंगदाता की जरूरत है। हरा रंग अंगदान का प्रतीक है, अतः सरकार से समर्थन द्वारा दर्शनीय स्थल, विशेष मुख्यालय, हॉस्पिटल्स , आदि को लेजर लाइट द्वारा अंगदान दिवस पर हरे रंग से सजाए, जिससे लोगो में इसके प्रति जागरूकता आए। गलत धारणाओं के वजह से हमारा देश अंगदान में पीछे है, जिसे “एंजल ऑफ चेंज” बनकर लोगों को जागरूक करना है। मधु डुमरेवाल ने भी इन भ्रांतियों के निवारण में महर्षि दधीचि का उदाहरण देते हुए सभी को जागरूक किया और सभी को अंगदान पर बहुत ज्ञानवर्धक और रोचक तरीके के क्विज भी खिलाया। कई राज्यों से आई संस्था की सदस्यों ने उत्साहपूर्वक क्विज में भाग लिया। क्विज विजेता के नाम – संध्या अग्रवाल उड़ीसा प्रथम स्थान, रीता लोढ़ा झारखंड द्वितीय स्थान, राजकुमारी जैन महाराष्ट्र तृतीय स्थान।


इस आयोजन में उपस्थित विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा लखोटिया, संध्या अग्रवाल, बबिता बगड़िया ने भी अंगदान की आवश्यकता और इसके महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के आयोजन में प्रांतीय अध्यक्ष विनीता अग्रवाल, प्रांतीय सचिव कंचन ड्रोलिया, प्रांतीय रक्त, नेत्र, देह अंगदान प्रमुख पूनम अग्रवाल, और प्रांतीय संपादिका मधु डूमरेवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने में और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page