प्रसिद्ध उद्योगपति सचिन राय ने आसनसोल टाइम्स को बताया केंद्रीय बजट से क्या है उद्योग जगत की उम्मीद:
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आसनसोल :पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए द्वारा फिर से सरकार का गठन किया गया और नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने कल यानी 23 जुलाई को नई सरकार का पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। निर्मला सीतारमण एक बार फिर बजट पेश करेंगी इसे लेकर पूरे देश के साथ-साथ आसनसोल तथा पश्चिम बर्धमन जिले में भी उद्योगपतियों और व्यवसाईयों में काफी कौतुहल है कि नरेंद्र मोदी सरकार का अगला बजट कैसा होगा इस बारे में हमने फेडरेशन ऑफ़ साउथ बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज या फोसबेकी के सेक्रेटरी जनरल तथा क्रेडाई आसनसोल के अध्यक्ष सचिन राय से बात की उन्होंने कहा कि उद्योग और वाणिज्य से जुड़े लोगों को आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं उन्होंने कहा कि वह क्योंकि निर्माण उद्योग से भी जुड़े हुए हैं इसलिए वह यह आशा करते हैं की आने वाले बजट में निर्माण उद्योग को सरकार द्वारा इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाएगा उन्होंने कहा कि अगर निर्माण क्षेत्र को इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाता है तो इससे आने वाले समय में इस उद्योग को काफी सहूलियत मिल सकती हैं। सचिन राय ने कहा कि अगर हाउसिंग सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाता है तो बैंक से लोन मिलने में सुविधा होगी छोटे-छोटे टाउनशिप बनाए जा सकेंगे जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे इसलिए उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कल के बजट में हाउसिंग सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा दिया जाए। इसके अलावा सचिन राय ने जिस एक और विषय पर केंद्र सरकार को ध्यान देने का आग्रह किया वह यह की वर्तमान में केंद्र सरकार के गाइडलाइंस के मुताबिक नॉन मेट्रो शहरों में 90 वर्ग मीटर यह 969 स्क्वायर फीट और मेट्रो शहरों में 60 वर्ग मीटर या 646 स्क्वायर फीट वाले कारपेट एरिया के फ्लैट जिसकी कीमत 45 लाख रुपए है उसको सस्ते घर की श्रेणी में रखा जाता है सचिन राय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि आज की तारीख में जिस तरह से निर्माण सामग्रियों के कीमत बढ़ चुकी है ऐसे में इस कीमत को बढ़ाकर 60 या 65 लाख रुपए करनी चाहिए उन्होंने कहा कि फिलहाल जिसे सस्ता घर कहा जा रहा है जिसकी कीमत 45 लाख रुपए है उस पर एक प्रतिशत जीएसटी लगता है लेकिन अगर इस स्लैब को बढ़ा दिया जाए और इसे 60 या 65 लाख रुपए तक कर दिया जाए तो उस पर भी एक प्रतिशत जीएसटी लगेगा ना की 5% जिससे कि लोगों को काफी सहूलियत होगी और निर्माण उद्योग को भी फायदा होगा। होम लोन को लेकर भी सचिन राय ने कहा कि अगर अगले बजट में होम लोन पर आयकर डिडक्शन की घोषणा की जाती है तो इस क्षेत्र में और ज्यादा लोन लिया जा सकेगा जिंससे आखिरकार निर्माण उद्योग को फायदा पहुंचेगा। इसके साथ ही उन्होंने आयकर पर छूट की सीमा को ढाई लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक करने का आग्रह किया और स्टैंडर्ड डिडक्शन को 1 लाख रुपए करने का अनुरोध किया उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार इस तरह का कोई फैसला लेती है तो निश्चित तौर पर इंडस्ट्री के लिए यह फायदेमंद होगा। सचिन राय ने एक और प्रस्ताव की तरफ नीति निर्धारकों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की उन्होंने कहा कि हालांकि यह राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र है लेकिन उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए उद्योग लगाने की प्रक्रिया को और सरल करने की आवश्यकता है चाहे वह जमीन की तलाश हो लोन पाने की सुविधा हो या अन्य जो भी प्रक्रियाएं एक उद्योग को स्थापित करने के लिए जरूरी होती है उन सभी प्रक्रियाओं का सरलीकरण बेहद जरूरी है ताकि व्यर्थ में समय नष्ट ना हो और एक उद्योगपति ज्यादा सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए बिना अपना उद्योग स्थापित कर सके इसके साथ ही उन्होंने छोटे तथा मझौले उद्योग के लिए लोन में रियायत की भी पैरवी की। उन्होंने कहा कि अगर इस क्षेत्र को कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराया जाए तो और ज्यादा छोटे तथा मध्यम उद्योगपति उद्योग स्थापित करने की दिशा में पहल करेंगे। सचिन राय ने कहा कि क्रेडाई तथा फोसबेकी के तरफ से केंद्र सरकार से उद्योग और व्यापार के विकास के लिए कई प्रस्ताव भेज कर अनुरोध किया गया है उनको पूरा भरोसा है कि केंद्र सरकार द्वारा उन प्रस्ताव पर गौर करते हुए आने वाले बजट में ऐसे फैसले लिए जाएंगे जिससे कि व्यापार को बढ़ावा मिलेगा इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से भी अनुरोध किया कि राज्य सरकार द्वारा द्वारे उद्यम नामक एक पोर्टल बनाया है जो निश्चित रूप से फायदेमंद है लेकिन अगर उस पोर्टल को और ज्यादा सहज बनाया जाए जिससे कि उद्योगपतियों और व्यापारियों को छोटी से छोटी चीज के बारे में भी तुरंत जानकारी प्राप्त हो जाए तो बंगाल में उद्योग और व्यापार को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर राज्य सरकार को धन्यवाद दिया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा दक्षिण बंगाल के कई बंद पड़े कारखाने के जमीनों का जायजा लिया गया था उन्होंने कहा कि इस बारे में उनके दोनों संगठनों की तरफ से मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया था और इसके बाद राज्य सरकार की एक टीम द्वारा इन कारखानों का जायजा लिया गया इसके लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धन्यवाद दिया












