हाई कोर्ट द्वारा ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द करने को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष बप्पा चटर्जी ने किया संवाददाता सम्मेलन:
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आसनसोल :हाल ही में कोलकाता हाई कोर्ट की तरफ से 2010 के बाद पश्चिम बंगाल में जिन व्यक्तियों को ओबीसी सर्टिफिकेट प्रदान किया गया था उन सभी सर्टिफिकेट पाने वाले व्यक्तियों के सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया गया है कुल 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द किए गए इसे लेकर आज भारतीय जनता पार्टी की तरफ से आसनसोल के शीतला इलाके में स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में जिला अध्यक्ष बप्पा चटर्जी के नेतृत्व में एक प्रेस मीट का आयोजन किया गया इस मौके पर यहां भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के नेता शंकर चौधरी भी उपस्थित थे पत्रकारों से बात करते हुए बप्पा चटर्जी ने कहा की कोलकाता हाई कोर्ट ने हाल ही में 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द करने का आदेश जारी किया है इससे एक बार फिर यह बात साबित हो गई कि पश्चिम बंगाल में इस समय एक बेहद भ्रष्ट सरकार चल रही है जो अपने हर कार्य में भ्रष्टाचार में लिप्त है उन्होंने कहा कि चाहे माध्यमिक या प्राथमिक में शिक्षकों की नियुक्ति हो या अन्य कोई क्षेत्र हर क्षेत्र में ममता सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी हुई है ओबीसी सर्टिफिकेट के मामले में हाई कोर्ट के आदेश से एक बार फिर यह साबित हो गया कि इस मामले में भी ममता बनर्जी सरकार द्वारा व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया था बप्पा चटर्जी ने कहा की ममता सरकार ने केंद्र से सलाह लिए बिना जबरदस्ती ओबीसी में 71 समुदायों को जो संरक्षण मिलता है उन 71 समुदाय में से 64 ऐसे समुदायों को संरक्षण दिया जो मुस्लिम संप्रदाय से आते हैं ऐसे 64 समुदायों को ओबीसी का हिस्सा बनाकर उन्होंने आरक्षण का लाभ उन्हें पहुंचाया इसका एकमात्र कारण यह है कि उन्होंने खुद मुस्लिम संप्रदाय को अपना दुधारू गाय बताया था और उनके वोट बैंक को अपने लिए सुरक्षित रखने के लिए ममता बनर्जी सरकार ने इस तरह का एक गैर कानूनी कदम उठाया जिसे कोलकाता हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में 27 प्रतिशत मुस्लिम संप्रदाय का वोट है इस वोट बैंक को अपने लिए सुरक्षित रखने के लिए ममता बनर्जी हरसंभव कोशिश करती हैं यही वजह है कि मुस्लिम धर्म गुरुओं को पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से धनराशि प्रदान की जाती है जबकि हिंदू धर्म गुरुओं का वह अपमान करती है बप्पा चटर्जी ने इस बात पर हैरानी जताई की एक राज्य की मुख्यमंत्री होने के बावजूद खुली सभा से वह कैसे एक अदालत के फैसले के खिलाफ बोल सकती है उन्होंने कहा कि कल ही ममता बनर्जी ने एक सभा में अपना वक्तव्य रखते हुए साफ कहा था कि वह कोलकाता हाई कोर्ट के इस आदेश को नहीं मानेंगी उन्होंने कहा कि किसी अदालत के किसी आदेश से असहमत होना एक नागरिक का अधिकार है उसके लिए हमारे संविधान में भी प्रावधान है और वह उच्च अदालत में अपील कर सकता है लेकिन राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पोस्ट पर बैठे एक इंसान का यह कहना कि वह अदालत के आदेश को नहीं मानेंगी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है उन्होंने कोलकाता हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया की ममता बनर्जी के इस बयान का संज्ञान लिया जाए इसके साथ ही उन्होंने साफ कहा कि भारतीय जनता पार्टी हिंदू धर्म गुरुओं के साथ है और अगर ममता बनर्जी हिंदू धर्म गुरुओं को डराने धमकाने की कोशिश करेंगे तो भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा की गनीमत है कि स्वामी विवेकानंद का जन्म आज के समय में नहीं हुआ वरना ममता बनर्जी की सरकार उनको भी सलाखों के पीछे डाल देती












