आसनसोल रामकृष्ण मिशन को लेकर दिए गए बयान का विरोध करते हुए कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ़ बंगाल ने किया प्रेस मीट का आयोजन:
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दुर्गापुर :कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ़ बंगाल की तरफ से दुर्गापुर के मांगलिक हाल में एक प्रेस मीट का आयोजन किया गया यहां पर इस संस्था से जुड़े जितेंद्र तिवारी सहित दुर्गापुर क्षेत्र के तमाम बुद्धिजीवी और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे इस मौके पर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि हमेशा से ही पश्चिम बर्धमान जिले को वर्तमान तृणमूल कांग्रेस के सत्ताधारी नेताओं द्वारा वंचित किया जाता रहा है उनको इस बात का डर है की कहीं आसनसोल दुर्गापुर कोलकाता से आगे ना निकल जाए जबकि इस क्षेत्र से राजस्व के रूप में एक बहुत बड़ी राशि पश्चिम बंगाल सरकार के राजकोष में पहुंचती है लेकिन आसनसोल दुर्गापुर को उस तरह की सुविधाएं प्राप्त नहीं होती जो कि इस क्षेत्र का अधिकार है इसके अलावा जितेंद्र तिवारी ने हाल ही में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एक चुनावी सभा के दौरान आसनसोल में रामकृष्ण मिशन का नाम लेकर दिए गए एक बयान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस बयान की वजह से न सिर्फ आसनसोल दुर्गापुर बल्की समस्त बंगाल के उन लोगों को भारी आघात पहुंचा है जो रामकृष्ण मिशन को श्रद्धा की नजरों से देखते हैं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राम कृष्ण मिशन के अलावा भारत सेवाश्रम संघ और इस्कॉन के संन्यासियों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जितेंद्र तिवारी ने कहा कि यह तीनों संस्थाएं बंगाल के लोगों के दिलों में बसती हैं और जब भी विश्व के किसी भी कोने में कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो यह तीनों संस्थाएं मदद के लिए पहुंचती है ऐसा भी हुआ है कि कुछ जगहों पर सरकारी मदद नहीं पहुंची लेकिन इन तीनों संस्थानों के प्रतिनिधि सन्यासी वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़ित लोगों की सहायता की उन्होंने कहा कि यह तीन संस्थाएं किसी सरकारी मदद नहीं बल्कि आम लोगों की वजह से अपना काम कर रही है क्योंकि आम लोगों की आस्था इन तीन धार्मिक संगठनों के साथ जुड़ी हुई है इसलिए इन तीन धार्मिक संगठन के खिलाफ ममता बनर्जी द्वारा एक राजनीतिक मंच से जो बयान दिया गया है वह अत्यंत निंदनीय है जितेंद्र तिवारी ने कहा कि इस प्रेस मीट के जरिए वह यह मांग करना चाहते हैं की ममता बनर्जी अपने उस बयान के लिए अफसोस जताए वह यह बोले कि उन्होंने जो बयान दिया था उसके लिए उनको दुख है। वही इस प्रेस मीट में मौजूद अन्य बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने भी कहा की सन्यासी वह व्यक्ति होता है जो दूसरों के मंगल के लिए समाज के कल्याण के लिए अपने व्यक्तिगत जीवन की इच्छायों का त्याग करता है और अपना पूरा जीवन समाज कल्याण को समर्पित कर देता है जब ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कोई बयान बाजी होती है तो उसका विरोध करना आवश्यक हो जाता है उन्होंने भी ममता बनर्जी के इस बयान को दुर्भाग्यजनक बताया












