वामपंथी नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी के बयान पर विष्णु देव नोनिया ने किया पलटवार:
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आसनसोल :इंडिया गठबंधन की कांग्रेस समर्थित माकपा प्रत्याशी जहांआरा खान के समर्थन में कल शाम आसनसोल बस स्टैंड इलाके में आयोजित एक सभा के दौरान युवा वामपंथी नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार तथा बंगाल में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस पर एक साथ प्रहार करते हुए कहा था कि यह देखना दिलचस्प रहेगा कि पहले केंद्र में भाजपा की सरकार का पतन होता है या आसनसोल में मंत्री मलय घटक सलाखों के पीछे जाते हैं इस बयान को लेकर हमने पश्चिम बर्धमान जिला परिषद के सह सभाधिपति विष्णु देव नोनिया से बात की। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी मुखर्जी एक तेजतर्रार युवा नेत्री है लेकिन उनको कोई बयान देने से पहले तथ्यों की जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा न सिर्फ मलय घटक बल्कि उनके भाई उनके बेटे कोलकाता में उनके सरकारी आवास पर भी एक साथ रेड डाला गया था लेकिन इस अभियान के बाद भी उनके किसी भी जगह से अवैध एक रुपया भी बरामद नहीं हुआ वह इसलिए क्योंकि मलय घटक ने कभी कोई अन्याय नहीं किया है वह किसी भी गैर कानूनी काम में संलिप्त नहीं है। यहां तक की केंद्रीय जांच एजेंसियों की टीम के अधिकारियों को भी यह कहना पड़ा था कि उन्होंने आज तक अपने कार्यकाल में इस तरह का मंत्री नहीं देखा जो इतना पाक साफ है विष्णु देव नोनिया ने कहा की ममता बनर्जी भले ही दिल्ली में इंडिया गठबंधन की सबसे प्रमुख घटक हैं लेकिन बंगाल में इंडिया गठबंधन नाम की कोई चीज नहीं है अगर बंगाल में भाजपा को कोई चुनौती दे रहा है तो वह सिर्फ ममता बनर्जी हैं उन्होंने कहा कि बंगाल में कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी भाजपा के इशारे पर काम कर रहे है उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जैसे एक गीदड़ आवाज लगता है तो उसकी आवाज सुनकर सभी गीदड़ आवाज लगाना शुरू कर देते हैं बंगाल में भी यही हालत है भाजपा कुछ भी कहती है कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के लोग भी उसे दोहराने लगते हैं। उन्होंने साफ कहा कि अभी जो चुनाव चल रहे हैं वह चुनाव देश में सिर्फ प्रधानमंत्री कौन बनेगा उसके लिए नहीं हो रहा है देश की लोकतंत्र को बचाने के लिए भी यह चुनाव किया जा रहा है उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में आज देश में लोकतंत्र खतरे में है मीनाक्षी मुखर्जी जो भाषण दे रही हैं उसका अधिकार भी उनको हमारे संविधान से ही मिला है लेकिन भाजपा के शासनकाल में वही संविधान खतरे में आ गया है और अगर इस खतरे से निपटना है तो ममता बनर्जी के हाथों को मजबूत करने की आवश्यकता है और उनका पूरा विश्वास है कि देश की जनता भाजपा को माकुल जवाब देगी और 4 जून को जब मतगणना होगी तब यह सच्चाई सामने आ जाएगी कि देश की जनता ने भाजपा को खारिज कर दिया है












