भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि सात दिनों के अंदर कुणाल घोष द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में सबूत पेश नहीं करने पर करेंगे कानूनी कार्रवाई:
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आसनसोल :भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने आज अपने आवासीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान उन्होंने उनके ऊपर टीएमसी नेता कुणाल घोष द्वारा लगाए गए आरोपों पर बेबाक अंदाज में जवाब दिया उन्होंने कहा कि भारत के कानून के मुताबिक जो व्यक्ति आरोप लगाता है उस आरोप को सिद्ध करने की जिम्मेदारी उस व्यक्ति की होती है कोई किसी पर भी आरोप लगा सकता है इसका मतलब यह नहीं है कि जिस पर आरोप लगाया जा रहा है वह हर जगह अपना स्पष्टीकरण देता फिरे जिसने आरोप लगाया है यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह उन्हें साबित करें उन्होंने कहा कि 26 मार्च को केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए के एसपी के साथ उनकी बैठक की जो बात कही जा रही है अगर 7 दिनों के अंदर इसे प्रमाणित नहीं किया गया तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे उन्होंने कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि जिन लोगों द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों पर हमले किए जा रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है उनके खिलाफ मामले दर्ज नहीं किया जा रहे हैं बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ मामले दर्ज किया जा रहे हैं उन्होंने कहा कि 2022 में भूपति नगर में धमाका हुआ था केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए इसकी जांच कर रही है चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी भूपति नगर में क्यों गई इसका जवाब केंद्रीय जांच एजेंसी दे सकती है उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है और ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि अगर कहीं पर कोई अपराध हुआ है तो चुनाव के लिए उस अपराध की जांच नहीं की जा सकती। जितेंद्र तिवारी ने कहा कि अब यह साफ हो गया है कि इस जिले में जो दो लोकसभा सीट हैं वहां पर तृणमूल कांग्रेस की हालत बेहद खराब है इस वजह से इस तरह के आरोप लगाकर वह जनता का समर्थन अपनी तरफ खींचना चाहते हैं लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होगा आसनसोल तथा वर्धमान दुर्गापुर दोनों केंद्रों में ही भाजपा की जीत पक्की है। कुणाल घोष द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के बारे में जितेंद्र तिवारी ने एक और बात कही उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले कुणाल घोष ने खुद कहा था कि कई बार पार्टी के दबाव में आकर ऐसी कई बातें कहनी पड़ती हैं जिन पर वह खुद भी विश्वास नहीं करते इसलिए कुणाल घोष कब सच बोल रहे हैं और कब पार्टी के दबाव में बात कर रहे हैं यह समझना जरा मुश्किल हो जाता है उन्होंने कहा कि वामपंथी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य का यह कहना कि जितेंद्र तिवारी को कुणाल घोष की बातों की सफाई देनी चाहिए यह गले से नहीं उतरती क्योंकि हमारे देश के कानून के मुताबिक जो आरोप लगाता है यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह उन आरोपों को साबित करें विकास रंजन भट्टाचार्य जैसे एक अनुभवी अधिवक्ता इस तरह की बात कैसे कह सकते हैं यह जरा आश्चर्यजनक है जितेंद्र तिवारी ने साफ कहा कि अगर 7 दिनों के अंदर कुणाल घोष द्वारा उन पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण पेश नहीं किया गया तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे












