टीएमसी ने अल्पसंख्यकों का सिर्फ वोट बैंक के तौर पर किया इस्तेमाल – कृष्णेंदू मुखर्जी:
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आसनसोल :हाल ही में टीएमसी द्वारा ज़िले के अल्पसंख्यक सेल के पदाधिकारियों में फेरबदल किया गया है। इसी कड़ी में 65 नंबर वार्ड टीएमसी पार्षद नदीम अख़्तर को कुल्टी ब्लॉक के टीएमसी अल्पसंख्यक सेल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसे लेकर कुल्टी में टीएमसी ही उठापटक शुरू हो गई है। इस लिस्ट के जारी होते ही पश्चिम बर्धमान जिला टीएमसी के चेयरमैन तथा कुल्टी के पूर्व विधायक उज्ज्वल चैटर्जी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि अल्पसंख्यक सेल में जो बदलाव किया गया है उसमे कुल्टी से जिसे कुल्टी ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है उसके नामको लेकर कुल्टी के टीएमसी पदाधिकारियों से कोई चर्चा नहीं की गई थी और भविष्य में अगर भ्रष्टाचार का कोई आरोप लगता है तो उसकी जिम्मेदारी कुल्टी टीएमसी की नही होगी । इसे लेकर राजनीतिक बयान बाज़ी शुरू हो गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि टीएमसी किसे कहां का अध्यक्ष बनाती है यह टीएमसी का अंदरूनी मामला है इसपर भाजपा कुछ नही कहना चाहती लेकिन यह बड़ी अजीब बात है कि जिसे अभी कुल्टी ब्लॉक टीएमसी माइनोरिटी सेल का अध्यक्ष बनाया गया है उसे दो दिन पहले बहिष्कृत किया गया फिर दो दिन बाद उसे अध्यक्ष बना दिया गया। उन्होंने इसे टीएमसी के कुल्टी और आसनसोल के गुटों के बीच लड़ाई का नमूना करार दिया । उन्होंने टीएमसी को सर्कस पार्टी से तुलना करते हुए कहा कि माइनोरिटी पदाधिकारी के चेहरे में जितना भी परिवर्तन क्यूं न किया जाए माइनोरिटी समुदाए के लोग यह समझ चुके हैं कि उनको टीएमसी द्वारा सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है। उनका सही मायने में विकास नहीं हुआ है। कृष्णेंदु मुखर्जी ने दावा किया कि अब माइनोरिटी समुदाए के लोग भी समझ चुके हैं कि एकमात्र नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ही उनका विकास कर सकती है क्योंकि भाजपा सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास की नीति पर चलती है और यही कारण है कि अब भाजपा की सभाओं में माइनोरिटी समुदाए की महिला पुरुष सभी ज्यादा से ज्यादा संख्या में आते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले लोकसभा चुनाव में मिनोरिटी समुदाए के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काम देखकर भाजपा के समर्थन में ही मतदान करेंगे












