डीआरएम चेतनानंद सिंह ने किया ट्रैफिक जिम्नेशियम काली पूजा का उद्घाटन:
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आसनसोल :हर साल की तरह इस साल भी आसनसोल के रेलवे कॉलोनी इलाके में स्थित ट्रैफिक जिम्नेशियम काली पूजा कमेटी द्वारा भव्य तरीके से काली पूजा का आयोजन किया गया यह इस कमेटी द्वारा आयोजित पूजा का 69 वां साल है आज आसनसोल रेलवे डिवीजन के डीआरएम चेतनानंद सिंह ने इस पूजा का उद्घाटन किया इस मौके पर उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थी फीता काटकर इस पूजा पंडाल का उद्घाटन किया गया डीआरएम चेतनानंद सिंह ने दीप जलाकर विधिवत तरीके से इस पूजा की शुरुआत की कार्यक्रम के दौरान आसनसोल रेलवे डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित से जिन्होंने डीआरएम को फूलों का गुलदस्ता तथा मोमेंटो देकर सम्मानित किया यहां पर आसनसोल रेलवे डिवीजन के अधिकारी कर्मचारियों के अलावा रेलवे कॉलोनी के निवासी तथा अन्य नागरिक भी उपस्थित थे उद्घाटन के उपरांत डीआरएम तथा उनकी पत्नी ने यहां पर मां काली की पूजा अर्चना भी की 20 फीट ऊंची मां काली की प्रतिमा तथा मंडप की सजावट को देखकर डीआरएम काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने पूजा आयोजकों की काफी सराहना की इसके उपरांत अपना वक्तव्य रखते हुए डीआरएम चेतनानंद सिंह ने मां काली की पूजा के महत्व के बारे में अपने विचार व्यक्त किया मार्कंडेय पुराण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मां काली की पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है उन्होंने कहा कि आज दीपावली भी है यह रोशनी का त्यौहार है दीपों का त्यौहार है आज ही के दिन रावण का वध कर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम अयोध्या लौटे थे उनके आगमन के अवसर पर अयोध्या वासियों ने पूरे नगर को दीपों से प्रज्वलित किया था यह इस बात का द्योतक है कि हमेशा अच्छाई के सामने बुराई को घुटने टेकने पड़ते हैं उन्होंने बताया कि हमारे पुराणों में इस बात को देवता के रूप में दर्शाया गया है कि हर इंसान के अंदर आलस जलन लालसा क्रोध जैसे राक्षस हैं और मां काली की पूजा तथा दीपावली हमें इस बात का संदेश देती है कि हमें इन राक्षसों पर विजय प्राप्त करनी है और इसीलिए हर साल रावण के पुतले का दहन होता है जो इस बात का प्रतीक है कि इंसान को हमेशा अपने अंदर छिपी बुराइयों को वध करने की आवश्यकता है यह एक निरंतर प्रक्रिया है जो कभी समाप्त नहीं होती












