पश्चिम बर्धमान जिले में अवैध कोयला सिंडिकेट के फिर से सक्रिय होने की आ रही है खबर:
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पश्चिम बर्धमान ज़िले में कोयले की तस्करी को रोकने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। आसनसोल कोयलांचल के कई कोयला कारोबारियों पर ईडी सीबीआई द्वारा कार्यवाही की गई है और अन्य कई रडार पर हैं। ईसीएल के वर्तमान तथा पूर्व अधिकारी भी केंद्रीय जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ गए हैं। कुछ दिनों के लिए लगने लगा था कि कोयलांचल से अवैध कोयला कारोबारियों का हमेशा के लिए सफाया हो गया क्योंकि कोयले की अवैध तस्करी लगभग पूरी तरह से रुक गई थी । लेकिन सूत्रों के मानें तो
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के लगभग हर थाना क्षेत्र में अवैध कोयला तस्करी का सिंडिकेट फिर से शुरू हो गया है। हालाकि हर थाना प्रभारी यह दिखाने में व्यस्त हैं कि कोयले की अवैध तस्करी नही हो रही है । लेकिन सच्चाई इससे परे है। रानीगंज के नारायण कुड़ी में खदान में दबकर कई लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई है। आरोप है कि शनिवार की रात भी अवैध कोयला तस्करी सिंडिकेट द्वारा जामुड़िया थाने के चुरुलिया बिरकुलटी इलाके के मोहन इलाके से पचास से अधिक अवैध कोयला लदे ट्रकों को पार कर लिया गया ।
यह काला कारोबार सिर्फ जमुरिया तक सीमित नहीं है। स्थानीय जानकारों का आरोप है कि जामुड़िया के अलावा कुल्टी थाना क्षेत्र के बड़िरा में भी अवैध कोयला तस्करी का कारोबार चल रहा है । सूत्रों की मानें तो यहां केडी नामक एक होटल व्यवसायी के नेतृत्व में पैड का कारोबार चल रहा है. स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि केडी का सिंडिकेट इस अवैध कारोबार को चला रहा है । स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोजाना चौरंगी पुलिस चौकी और कुल्टी थाने की पुलिस की मिलीभगत से धड़ल्ले से यह सब चल रहा है. बरिरा में उच्च गुणवत्ता वाली ग्रेड के कोयले की बाजार में काफी मांग है । यही वजह है कि रोज सैंकड़ों टन कोयला निकाला जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अक्सर परित्यक्त कोयला खदान के अंदर रैटहोल बनाकर उस कोयले को निकालकर पुरे राज्य में अवैध रूप से भेजा जा रहा है। लाखों रुपए के कोयले की इसी तरह तस्करी की जा रही है। झारखंड सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण दूसरे राज्यों से अवैध कोयला लदी लॉरियां कुल्टी थाना क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं । बताया जा रहा है कि बंगाल मे प्रवेश करने के बाद उन लॉरियों को केडी पैड दिया जाता है । फिर यह अवैध कोयला राज्य के विभिन्न हिस्सों में तस्करी की जाती है । आरोप है कि सिंडिकेट के नेताओं का उन प्रशासनिक अधिकारियों से बहुत करीबी रिश्ता है, जिन पर इसे रोकने की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि इस सिंडिकेट के सदस्य बिना किसी डर के कोयले के इस अवैध कारोबार को चला रहे हैं।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जमूरिया में भी कोयला तस्कर फिर से सक्रिय हो रहे हैं । आरोप लगाया जा रहा है कि नारायणकुड़ी की घटना के बाद ही जमुरिया थाना अंतर्गत चुरुलिया बिरकुल्टी आदि इलाकों में कोयले की अवैध तस्करी फिर से शुरू हो गई है। आरोप है कि कोयला तस्करी मामले में सीबीआई की सूची में शामिल सदरुद्दीन उर्फ़ सदु के नेतृत्व में यह गोरखधंधा चल रहा है। आरोप है कि पुलिस तथा नेताओं की शह पर यह काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर कौन है वह प्रभावशाली लोग जिनका हाथ इन कोयला तस्करो के सर पर है जिससे इनपर लगाम नहीं लग पा रही। वहीं ईडी-सीबीआई की जांच के दौरान भी कोयले के अवैध कारोबार का इस तरह से जारी रहना पुलिस की भूमिका को भी सवालों के घेरे में खड़ा करती है ।












