समाज सेवी कृष्णा प्रसाद ने किया प्रभु छट घाट पर संवाददाता सम्मेलन
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आसनसोल टाइम्स : आसनसोल के प्रख्यात समाज सेवी कृष्णा प्रसाद देवभुमि उत्तराखंड के अपने सफर के बाद अपनी कर्मभूमि आसनसोल लौट आए । लौटते ही वह अपने संकल्प के अनुसार कल्ला इलाके में स्थित प्रभु छठ घाट पंहुचे थे और बुधवार शाम को ही उन्होंने कई धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया । इसके उपरांत गुरुवार को भी यानी दिवाली के दिन भी उनके धार्मिक कर्मकांडों का सिलसिला जारी रहा । आज सुबह की ट्रेन से उत्तराखंड से गंगा का पवित्र जल आसनसोल की धरती पर पंहुच गया । कृष्णा प्रसाद की अगुवाई में पुरी श्रद्धा के साथ मां गंगा को प्रभु छठ घाट लाया गया । यहां कृष्णा प्रसाद के नेतृत्व में बोतलों में भरकर लाए गए जल को पुरे सम्मान के साथ मंच पर रखा गया । इससे पहले कृष्णा प्रसाद द्वारा गंगाजल से मंच को पवित्र किया गया । साथ ही कुछ जल उपस्थित लोगों में वितरित किया गया । कृष्णा प्रसाद ने इसके उपरांत यहां उपस्थित सभी मीडिया कर्मियों को उत्तरीय ओढ़ाकर सम्मानित किया । इसके बाद कृष्णा प्रसाद संवाददाताओं से मुखातिब हुए । उन्होंने उत्तराखंड में अपने प्रवास के दौरान जो भी कार्य किए थे उनके बारे में जानकारी दी । उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के ऋषिकेश पंहुचते ही उन्होंने घाट पर रहने वाले जरुरतमंदों के बीच 51 कंबल बांटे । इसके उपरांत 1100 संतों को भोजन कराए गए और गौ माताओं और अन्य बेजुबान प्राणियों को फलाहार कराया गया ।

उन्होंने बताया कि अपने तीन साल पुराने संकल्प के अनुसार वह गंगा घाट से 2500 लिटर गंगा जल लेकर आए हैं और यहां के 1100 परिवारों को यह जल दिया जाएगा । इसके साथ ही उन्होंने अगले साल तक और भी 90 हजार परिवारों गंगा जल देने की बात कही जो कि पुरे पश्चिम बर्दवान जिले में बांटा जाएगा । संवाददाता सम्मेलन के दौरान कृष्णा प्रसाद ने एक बहुत बड़ी घोषणा की । उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है तपसी घाट अंबेडकर घाट और प्रभु छठ घाट को मिलाकर एक तीर्थस्थल बनाने की है । उन्होंने कहा कि इसके लिए वह राज्य के कानुन और लोक निर्माण मंत्री मलय घटक के दिशा निर्देश पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास जाएंगे और इस कार्य को करने के लिए गुहार लगाएंगे ।

उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी को मां दुर्गा के प्रतिरूप की तरह मानते हैं तो वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वह भगवान शंकर के रुप में श्रद्धा करतें हैं । इसके अलावा कृष्णा प्रसाद ने कहा कि शिल्पांचल की आराध्य मां घाघर बुड़ि और उनकी अन्य छह बहनों के लिए वह हर एक स्थल पर भव्य मंदिर भी बनाना चाहते हैं । पिछले सितंबर को आई बाढ़ में जिस तरह से पुरे आसनसोल के साथ साथ कल्ला क्षेत्र में भी तबाही हुई थी उस वजह से प्रभु छठ घाट के आसपास के लोगों को कांफी परेशानी हुई थी । खासकर उनके आने जाने का रास्ता टुट गया था । कृष्णा प्रसाद ने घोषणा की कि छठ से पहले इस रास्ते को बना दिया जाएगा जिससे छठ व्रती घाट तक आ सकें । उनकी इस घोषणा से इस क्षेत्र के लोगों को जैसे दीपावली का तोहफा मिल गया।













