दुर्गापुर सिटी सेंटर के हाकर एडीडीए द्वारा हटाए जाने के नोटिस से हैं परेशान:
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दुर्गापुर : दुर्गापुर से संजय बाजोरिया की रिपोर्ट
दुर्गापुर के सिटी सेंटर इलाके को जाम की स्थिति से बचाने के लिए एडीडीए इस इलाके के फुटपाथ पर गैरकानूनी तरीके से दुकान चला रहे हाकरों को हटाने की कोशिश कर रहा है कुछ दिनों पहले एडीडीए द्वारा फुटपाथ पर बैठने वाले हाकरों के स्टॉल पर लाल निशान लगा दिया गया था और उनको 28 जुलाई तक हटने का निर्देश दिया गया था लेकिन उस निर्देश में थोड़ी तब्दीली लाकर 2 दिन बाद अतिक्रमण हटाने की बात एडीडीए द्वारा कही गई थी लेकिन सुत्रो की मानें तो एडीडीए चेयरमैन तापस बनर्जी के भाई तथा दुर्गापुर नगर निगम के सहकारी प्रशासक अमिताभ बैनर्जी आने वाले दुर्गापुर नगर निगम चुनाव के मद्देनजर अभी इस पर कार्यवाही नहीं चाहते। आपको बता दें कि तापस बनर्जी रानीगंज के विधायक के साथ-साथ एडीडीए चेयरमैन भी हैं और वह पूरे शिल्पांचल में जहां भी सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हुआ है उनको अतिक्रमण मुक्त करने की कोशिश कर रहे हैं इसी क्रम में दुर्गापुर के सिटी सेंटर के फुटपाथ से हाकरों को हटाने की कोशिश में लगे हुए हैं ताकि राहगीरों का आना-जाना सुचारू हो सके और शहर को सुव्यवस्थित किया जा सके हालांकि एडीडीए के इस फैसले का उनके भाई और दुर्गापुर नगर निगम के सहकारी प्रशासक अमिताभ बैनर्जी ने यह कहते हुए विरोध किया है कि कुछ दिनों में दुर्गापुर नगर निगम का चुनाव होने जा रहा है ऐसे में इस वक्त हाकरों को हटाने का मतलब है चुनाव पर विपरीत असर पड़ना उन्होंने कहा है कि पहले एडीडीए को इनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि तापस बनर्जी का कहना है कि अतिक्रमण हटाना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है इसका चुनाव के साथ कोई संबंध नहीं है कोलकाता में भी इस तरह की घटनाएं हुई है कल को अगर कोई दुर्गापुर नगर निगम के सामने बैठ जाए तो क्या उसे भी अनुमति दी जा सकती है? आपको बता दें कि दुर्गापुर नगर निगम के 22 नंबर वार्ड अंतर्गत सिटी सेंटर फुटपाथ पर अवैध रूप से फास्ट फूड और फलों के दुकान लगाए गए हैं जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है इन दुकानों में आने वाले क्रेताओं की वजह से यहां पर लगभग हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है लेकिन परिस्थिति को सुधारने के लिए अभी तक कोई कदम उठाया नहीं जा सका है इसी वजह से एडीडीए यहां से अतिक्रमण हटाने की कवायद कर रहा है और नोटिस भी दिया गया है लेकिन अमिताभ बनर्जी चुनाव का हवाला देते हुए फिलहाल अतिक्रमण हटाने के पक्ष में नहीं है उन्होंने साफ कहा है कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का कहना है कि किसी को भी कहीं से हटाने से पहले उसको पुनर्वास देना होगा लेकिन जब हमने यहां के हाकरों से बात की तो उनका कहना है कि इससे पहले भी पुनर्वास की बात कही गई थी लेकिन तब भी एडीडीए ने कोई बात नहीं सुनी और पुलिस के सहारे मशीन के जरिए दुकानों को तोड़ दिया इस वजह से नोटिस मिलते ही ज्यादा तरह दुकानदारों ने अपनी दुकानों के अस्थाई ढांचे को खोलना शुरू कर दिया है












