पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस परीक्षा से हिंदी उर्दू संथाली को हटाने को लेकर पश्चिम बर्दवान जिला शासक दफ्तर को सौंपा गया ज्ञापन:
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आसनसोल :हाल ही में पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस की परीक्षा से हिंदी उर्दू और संथाली भाषा को हटा दिया गया था इसी को लेकर आज आवाज आदिवासी अधिकार मंच और आदिवासी लोक संस्कृति मंच की तरफ से अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला शासक को एक ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम किया गया इस बारे में जानकारी देते हुए जनवादी लेखक संघ पश्चिम बर्दवान जिला कमेटी अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार पांडे ने बताया की अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज इन संगठनों की तरफ से पश्चिम बर्दवान जिला शासक को एक ज्ञापन सौंपने की बात थी उन्होंने एडीएम को यह कार्यक्रम फॉरवर्ड किया था ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम से मुलाकात की उन्होंने कहा कि एडीएम से उनकी बातचीत काफी सकारात्मक रही उन्होंने ज्ञापन सौंपने वालों की बातों से सहमति जताई और कहा कि वह अपने स्तर से उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा देंगे डॉक्टर अरुण पांडे ने कहा कि आज जो ज्ञापन सौंपा गया वह काफी सकारात्मक परिवेश में सौंपा गया और इसके साथ ही एससी एसटी शंसा पत्र का मुद्दा काजी नजरूल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के मुद्दे पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई । अरुण पांडे ने कहा कि आज ज्ञापन सौंपकर ही वह लोग शांत नहीं बैठेंगे उनको पूरी उम्मीद है कि प्रशासन की तरफ से उनको सकारात्मक जवाब मिलेगा और इस मुद्दे को लेकर वह जनता के बीच जाएंगे क्योंकि यह मुद्दा सिर्फ हिंदी उर्दू और संथाली भाषा विद्यार्थियों का मुद्दा नहीं है सरकार के इस फैसले से बांग्ला भाषी विद्यार्थी भी प्रभावित होंगे उन्होंने कहा कि उनको पूरी उम्मीद है कि प्रशासन उनकी बातों पर गौर करेगा और अगर जरूरत पड़ी तो वह लोग बड़े पैमाने पर आंदोलन भी करेंगे












