नया चेंबर बनाए जाने को लेकर शुरू हुई बयानबाजी:
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आसनसोल :आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव शंभू नाथ झा ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह उनको सुचित करना चाहते हैं कि आसनसोल चेम्बर आफ कामर्स की स्थापना 1970 में हुई थी एवं पश्चिम बंगाल की एक ख्याती प्राप्त संस्था है। जिसके लगभग 700 सम्मानित सदस्य हैं । प्रत्येक दो साल में संस्था में चुनाव होती है एवं अध्यक्ष , सचिव से लेकर सभी कार्यकारणी सदस्य जीत कर अपना कार्य भार सम्भालतें हैं।
उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिनों से चेंबर के पदाधिकारियों को जानकारी प्राप्त हुई है कि चेंबर के ही कुछ सदस्य जो पिछले चुनाव में बुरी तरह हार गये थे एवं उनके साथ कुछ सस्पेंड हुए सदस्य मिलकर आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स के नाम का लाभ लेकर अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के नाम से एक संस्था खोलने की चेष्टा की जा रही है । ये सरकारी महकमा के साथ साथ आम लोगों को भ्रमित करने की चेष्टा कर रहें हैं एवं नाम के माध्यम से गुमराह करने की चेष्टा कर रहें हैं ।
उन्होंने रजिस्ट्रार आफ कंपनीज से निवेदन किया कि इस तरह की संस्था का रजिस्ट्रेशन ना किया जाय एवं इस तरह के लोगों को कोई महत्व नहीं मिलना चाहिए ।

हालांकि जब आसनसोल टाइम्स ने इस संदर्भ में नई चेंबर के महासचिव विनोद गुप्ता से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि उनके संगठन का कंपनी नियमों के अनुसार पंजीकरण हो चुका है बैंक अकाउंट खूल चुका है उन्होंने कहा कि चेंबर के पद पर रहते हुए इस तरह से बिना जानकारी के कुछ कहना किसी को शोभा नहीं देता विनोद गुप्ता का कहना था कि दिन प्रतिदिन आसनसोल का कलेवर बढ़ रहा है पहले यह वर्धमान जिला हुआ करता था अब इस क्षेत्र को 2 जिलों में बांट दिया गया है आसनसोल का कलेवर दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है नित नए व्यवसायिक संस्थाएं आ रही हैं यहां व्यापार बढ़ रहा है जनसंख्या बढ़ रही है ऐसे में इनको सेवा प्रदान करने के लिए नई संस्थाओं की भी जरूरत है और अगर सभी सरकारी नियमों का पालन करते हुए और व्यापारियों के हित में कोई नई संस्था का गठन किया जा रहा है तो इसमें किसी को भी ऐतराज होने की जरूरत नहीं है उन्होंने साफ कहा की नए संगठन का किसी से कोई प्रतियोगिता नहीं है वह सिर्फ और सिर्फ व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए काम करना चाहते हैं नए संगठन के पंजीकरण से संबंधित बातों का जवाब देते हुए विनोद गुप्ता ने एक बार फिर से कहा कि बिना सटीक जानकारी के टिप्पणी करना एक प्रतिष्ठित संस्था के ओहदे पर रहने वाले व्यक्ति को शोभा नहीं देता उनको पहले सटीक तथ्यों की जानकारी कर लेनी चाहिए ।













