एसएससी घोटाला मामले में काजी नजरुल विश्वविद्यालय की शिक्षिका मोनालिसा दास हुई मीडिया से मुखातिब अपने ऊपर लगे आरोपों को बताया बेबुनियाद:
1 min read
एसएससी घोटाले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के साथ आसनसोल के काजी नजरुल विश्वविद्यालय की शिक्षिका मोनालिसा दास का नाम भी सामने आ रहा है जबसे पार्थो चटर्जी को हिरासत में लिया गया है तब से विभिन्न खबरों में मोनालिसा दास का नाम भी बार-बार लिया जा रहा है और आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह भी इस पूरे घोटाले में शामिल है विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा काजी नजरूल विश्वविद्यालय से मोनालिसा दास को हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा गया है मगर आज जब मोनालिसा दास पत्रकारों से रूबरू हुईं तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी इल्जामों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है उन्होंने कहा कि वह अर्पिता मुखर्जी नामक किसी महिला को नहीं पहचानती हैं । पत्रकारों ने उनसे पूछा कि वह आज कहां से आ रहे हैं तो उन्होंने कहा कि वह काजी नजरूल विश्वविद्यालय की शिक्षिका है और वह काम से वापस एसबी गोरई रोड स्थित अपने घर आ रही हैं आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले काजी नजरूल विश्वविद्यालय में एक सेमिनार हुआ था जिसमें पहले मोनालिसा दास का नाम था लेकिन बाद में उनके नाम को हटा दिया गया जब पत्रकारों ने उनसे यह सवाल किया तो मोनालिसा दास ने कहा कि पहले उनका नाम था लेकिन उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई और वह सेमिनार में शामिल नहीं हो सकी थी इसलिए उनका नाम हटा दिया गया उन्होंने बताया कि अब तक वह खामोश थी क्योंकि वह अपने पारिवारिक काम में व्यस्त थी और बीते कुछ दिनों से उनकी तबीयत भी खराब थी उन्होंने कहा कि उनका इस पूरे घोटाले से कोई लेना देना नहीं है और उन पर लगने वाले सभी आरोप सरासर बेबुनियाद हैं उन्होंने कहा कि जो भी उन पर आरोप लगा रहे हैं वहीं इनके बारे में बता सकते हैं वह जानती है कि वह एक ईमानदार शिक्षिका है और एक शिक्षक परिवार से आती हैं और वह पूरी इमानदारी से अपना काम करती हैं।













