खाद्य उत्पादों पर जीएसटी लगाने का फासबेकी ने किया विरोध जिला शासक को सौंपा ज्ञापन:
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दक्षिण बंगाल के सबसे बड़े वाणिज्यिक संगठन फासबेकी के तरफ से आज पश्चिम बर्दवान के जिला शासक को एक ज्ञापन सौंपा गया इसके जरिए केंद्र सरकार द्वारा पैकेट दूध लस्सी आदि पर जीएसटी लगाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया पश्चिम बर्दवान जिला शासक के जरिए उन्होंने देश के वित्त मंत्री गृहमंत्री से गुहार लगाई कि इस तरह के फैसले वापस लिए जाएं क्योंकि इससे महंगाई और बढ़ेगी इसके उपरांत आसनसोल के आश्रम मोड़ स्थित पार्वती होटल में एक संवाददाता सम्मेलन किया गया जहां आसनसोल चेंबर ऑफ कॉमर्स रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स उखड़ा अंडाल यहां तक कि पानागढ़ से भी व्यवसायी आकर पत्रकारों से रूबरू हुए सभी ने केंद्र सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष आरपी खेतान ने कहा कि जिस तरह से जीएसटी काउंसिल पैकेट दूध लस्सी आदि पर जीएसटी लगाने का फैसला लिया है वह सर्वथा अनुचित है और इसे वापस लेना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी काउंसिल में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है और जीएसटी काउंसिल में केंद्र के साथ राज्य सरकार के वित्त मंत्री भी शामिल होते हैं तो क्या यह समझा जाए कि इस जनविरोधी फैसले में इस राज्य के सरकार की भी हां है? उन्होंने कहा कि अभी उनके संगठन की तरफ से आवेदन निवेदन की नीति अपनाई गई है लेकिन बहुत जल्द संगठन की तरफ से छोटी-छोटी रैलियां निकाली जाएंगी और आसनसोल दुर्गापुर में सेंट्रल रैली निकालने का भी प्रस्ताव है । वही फासबेकी के सचिव सचिन राय ने कहा की आजादी के बाद पिछले 75 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ की पैकेट दूध और लस्सी जैसे उत्पादों पर टैक्स लगाया गया हो लेकिन आज जब हम आजादी का 75 वा साल बना रहे हैं ऐसे में इस तरह से इन उत्पादों पर टैक्स लगाना कहां तक जायज है उन्होंने कहा कि अब तो ऐसा लग रहा है कि सरकार किसी के मरने पर भी उस पर टैक्स लगाने की सोच रही है । इस मौके पर यहां आरपी खेतान सचिन राय पवन गुटगुटिया संजय तिवारी सहित संगठन के तमाम जिलों से आए वाणिज्यिक चेंबरों के प्रतिनिधि शामिल थे ।













