जहांगीरपुरी घटना पर सियासत हुई तेज:
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आसनसोल: दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में अवैध अतिक्रमण को तोड़ने का मुद्दा धीरे-धीरे सियासी रंग लेता जा रहा है इस मुद्दे की गूंज अब आसनसोल में भी सुनी जा रही है आसनसोल के पूर्व मेयर और भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने शत्रुघ्न सिन्हा के उस ट्वीट पर पलटवार किया जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था की जिस तरह से जहांगीरपुरी में बुलडोजर चलाया गया वह दुर्भाग्यपूर्ण था उन्होंने कहा कि क्या इस तरह से बुलडोजर चलाकर नए एक तरफा भारत का निर्माण किया जा रहा है उन्होंने कहा कि क्या बुल डोजर ही नए एकतरफा भारत का प्रतीक बनता जा रहा है शत्रुघ्न सिन्हा का कहना था कि जिस तरह से बुलडोजर चलाकर सैकड़ों परिवारों को गृह हीन कर दिया गया वह सही नहीं हुआ इस पर जितेंद्र तिवारी ने पलटवार करते हुए कहा की यह अच्छा होता कि शत्रुघ्न सिन्हा रेलपार में चार-पांच महीने पहले चलाए गए ऐसे ही एक अभियान की भी निंदा करते जहां कई अल्पसंख्यक परिवारों के घरों दुकानों को तोड़ा गया था उन्होंने कहा कि अभी भी ज्यादा देर नहीं हुई है और पवित्र रमजान महीने में अगर शत्रुघ्न सिन्हा उस घटना की निंदा कर लें तो बेहतर होगा । हालांकि जितेंद्र तिवारी के इन दावों को खारिज करते हुए टीएमसी पार्षद वसीम उल हक ने कहा कि नगर निगम की तरफ से चार-पांच महीने पहले जो अभियान चलाया गया था उसमें किसी भी गरीब दुकानदार की दुकान या उसका घर नहीं तोड़ा गया था जहां प्रशासनिक कार्यालय बनने वाले हैं उन जमीनों पर कुछ लोग अवैध अतिक्रमण कर रहे थे उस अतिक्रमण को रोका गया था इसके अलावा और कुछ नहीं किया गया था साथ ही उन्होंने कहा कि रेलपार में सिर्फ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की दुकानें ही नहीं है अन्य समुदाय के लोग भी यहां रहते हैं और अपना व्यापार करते हैं उन्होंने रेलवे विभाग पर इन लोगों को बिना पुनर्वास के हटाने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य सरकार जब किसी को भी कहीं से हटाती है तो उसको उचित मुआवजा देकर हटाती है। उन्होंने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं को भड़का कर देश में अशांति फैलाने और देश के सांप्रदायिक सौहार्द को नष्ट करने का आरोप लगाया














