आसनसोल लोकसभा उपचुनाव की जीत को शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया ऐतिहासिक:
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आसनसोल आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा पत्रकारों से रूबरू हुए इस मौके पर उनके साथ उनकी पत्नी पूनम सिन्हा मंत्री मलय घटक पश्चिम बर्दवान जिला तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बिधान उपाध्याय तापस बनर्जी आदि उपस्थित थे इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि यह जीत ममता बनर्जी की जीत है टीएमसी के स्थानीय नेताओं कार्यकर्ताओं समर्थकों की जीत है इसके लिए उन्होंने आसनसोल की जनता को धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि जिस तरह से आसनसोल की जनता ने उनको आशीर्वाद दिया है उससे वह गदगद है उन्होंने कहा कि जिस दिन वह पहली बार आसनसोल में आए थे उनको यहां के लोगों से जितना स्नेह मिला था वह अभूतपूर्व था लोगों की प्रतिक्रिया देखकर वह बेहद खुश हुए थे और तब हमको लगा था कि आसनसोल में इस बार इतिहास रचा जा सकता है उन्होंने कहा कि इस जीत से उन पर जिम्मेदारी बढ़ गई है अब सब को एकजुट होकर आसनसोल के विकास के लिए काम करना होगा शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि बहुत जल्द हो आसनसोल के स्थानीय नेताओं के साथ बैठेंगे और यहां की समस्याओं को लेकर वार्तालाप करेंगे जिससे आने वाले समय में वह समस्याओं को संसद के उठा सकें उन्होंने कहा कि यह सब कुछ होगा प्राथमिकता के आधार पर वह शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि आज आसनसोल में जो इतिहासिक जीत मिली है उसके पीछे मैजिक मैन मलय घटक का कार्य बड़ा हाथ है घटक उनके मार्गदर्शक थे और सबके एक जुट होकर कोशिश करने से यह जीत हासिल हुई है भाजपा को लेकर उन्होंने कहा कि यह सच्चाई है कि वह अटल बिहारी वाजपेई के जमाने में भाजपा में थे और केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं चार बार के सांसद रह चुके हैं लेकिन तब कि भाजपा और आज कि भाजपा में फर्क यह है कि अटल बिहारी वाजपेई की भाजपा में लोकशाही थी और नरेंद्र मोदी की भाजपा में तानाशाही है वही मलय घटक ने कहा कि यह जीत प्रत्याशित थी क्योंकि आसनसोल की जनता समझ चुकी थी कि भाजपा सिर्फ झूठे वादे कर सकती हैं भाजपा के चेहरे के ऊपर से मुखौटा हट गया था और लोगों को भाजपा का असली चेहरा दिख गया था उनको समझ में आ गया भाजपा सिर्फ लोगों को बरगलाने और सब्जबाग दिखाने का काम करती है भाजपा विकास नहीं कर सकती विकास सिर्फ ममता बनर्जी कर सकती हैं और यही वजह है कि उन्होंने विकास के नाम पर मतदान किया जात पात धर्म के नाम पर नहीं












