रविंद्र भवन में हुई टीएमसी की कर्मी सभा पार्थ चटर्जी रहे मौजूद:
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आसनसोल :आज आसनसोल के बीएनआर इलाके में स्थित रविंद्र भवन में तृणमूल कांग्रेस की तरफ से एक कर्मी सभा का आयोजन किया गया जहां राज्य के मंत्री पार्थो चटर्जी विशेष रुप से उपस्थित थे इनके अलावा आसनसोल उत्तर के विधायक और मंत्री मलय घटक अभिजीत घटक मंत्री श्रीकांत माहतो टीएमसी प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा विधायक प्रदीप मजूमदार उज्जवल चटर्जी अशोक रुद्रा पार्षद गुरदास चटर्जी वी शिव दासन उर्फ दासु सुभद्रा बावरी कौशिक मंडल रीना मुखर्जी श्रावणी मंडल सहित तमाम टीएमसी नेता पार्षद कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे सभा के दौरान मंत्री मलय घटक ने केंद्र सरकार की नीतियों की जमकर मरम्मत की उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वजह से आज राष्ट्रीय संसाधनों को बेचने की साजिश रची जा रही है उन्होंने कहा कि आसनसोल में भी ईसको ईसीएल सहित राष्ट्रीय संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है मलय घटक ने कहा कि अगर इस सब के खिलाफ बुलंद आवाज में कोई विरोध कर सकता है तो वह शत्रुघ्न सिन्हा है यही वजह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शत्रुघ्न सिन्हा को यहां से पार्टी का प्रत्याशी बनाया है वही पार्थ चटर्जी ने भी शत्रुघ्न सिन्हा को प्रत्याशी बनाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कॉलेज के दिनों में शत्रुघ्न सिन्हा उनके सबसे पसंदीदा अभिनेता थे यह उनका सौभाग्य है कि अब शत्रुघ्न सिन्हा टीएमसी के लिए चुनाव लड़ रहे हैं उन्होंने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा को जिताने के लिए समाज के हर वर्ग के लोगों को एकजुट होकर टीएमसी के पक्ष में मतदान करने की जरूरत है और इसके लिए उन्होंने आसनसोल में टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कमर कसने की सलाह दी पार्थ चटर्जी ने कहा कि आसनसोल कभी उनके कर्मभूमि रह चुकी हैं जो कभी औद्योगिक नगरी हुआ करते थे आज वह मृत नगरी में तब्दील हो चुकी हैं उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया उन्होंने कहा कि आज केंद्र की भाजपा सरकार सब कुछ बेचने पर तुल गई हैं और राष्ट्रीय संसाधनों को निजी हाथों में दिया जा रहा है उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की मदद से लोग बैंकों से कर्ज लेकर बिना चुका है देश छोड़कर भाग रहे हैं टांके के निशान समस्याओं को दूर करने के लिए शत्रुघ्न सिन्हा जैसे एक बुलंद आवाज की जरूरत है जो संसद में केंद्र की जनविरोधी नीतियों का विरोध कर सकें।












