इस बार का लोकसभा उपचुनाव बिहारियों के सियासी अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह : शंभूनाथ झा:

क्या इस बार बिहारी आसनसोल लोक सभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज करा पायेंगें । एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बिहारियों को सम्मान देते हुए ” बिहारी बाबू ” को लोक सभा मे प्रत्याशी बनाया है । क्या बिहारी जन गण इस सम्मान का महत्व समझ पा रहें हैं ? यही मौका है जब सारे बिहारी एक जुट होकर ” बिहारी बाबू ” का समर्थन करें । बिहारीयों को अगर अपना कद उंचा रखना है एवं अपनी कद्र बढ़ानी है तो ” बिहारी बाबू ” को आंख मुंदकर समर्थन करना होगा । बिहारी मायने रखता है जब सबके समझ में आयेगा तब ही आपकी पुछ होगी । बिहारी किसे वोट देता है ठीक से स्पष्ट नहीं है इसलिए राजनितिक समाज में बिहारीयों की पुछ नहीं है । इस बार मौका है अपने अस्तित्व को बनाने की और दिखला देने की हम बिहारी जिधर जाएंगे , विजय उधर ही होगी । आशा है इस बार खुले मन से बिहारी जन गण ” बिहारी बाबू ” को समर्थन कर अपने अस्तित्व की रक्षा करने में जी जान लगा लेंगें ।












