फोसबेकी के जनरल सेक्रेटरी सचिन राय ने पश्चिम बंगाल सरकार से निवेशकों को दिए जाने वाले इंसेंटिव को समाप्त करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का किया अनुरोध
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आसनसोल :पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को एक बिल पास किया गया इस बिल के जरिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा प्रदेश में निवेशकों को दिए जाने वाले इंसेंटिव को समाप्त कर दिया आपको बता दें कि 1991 से पश्चिम बंगाल में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय ज्योति बसु के जमाने से निवेशकों को इंसेंटिव देने की शुरुआत की गई थी जब 2011 में राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ उसके बाद भी टीएमसी सरकार द्वारा इस पॉलिसी को जारी रखा गया टीएमसी सरकार ने भी तीन बार इस पॉलिसी के जरिए निवेशकों को इंसेंटिव प्रदान किया था लेकिन अब बुधवार को पास किए गए बिल के जरिए इस इंसेंटिव को समाप्त कर दिया गया इस बारे में हमने दक्षिण बंगाल के सबसे बड़े वाणिज्यिक संगठन फोसबेकी के जनरल सेक्रेटरी सचिन राय से बात की तो उन्होंने कहा कि आज की तारीख में निवेश की जो स्थिति है ऐसे में बंगाल सरकार द्वारा निवेशकों को इंसेंटिव को समाप्त किए जाने के लिए फैसला लिया गया है इससे निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इससे विशेष कर नए निवेशकों को भारी निराशा होगी और बंगाल में निवेश करने के प्रति उनके उत्साह में कमी आएगी उन्होंने कहा कि आज का दौर प्रतियोगिता का दौर है और अगर कोई अन्य प्रदेश निवेशकों को इंसेंटिव दे तो जाहिर है निवेशक उस प्रदेश में निवेश करेंगे इससे आखिरकार बंगाल को ही नुकसान पहुंचेगा । सचिन राय ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में निवेश और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए यथासंभव प्रयास कर रही है इसका सबसे बड़ा उदाहरण बंगाल में बिजनेस ग्लोबल समिट का आयोजन करता है इस समिट के जरिए पूरे विश्व में बंगाल में निवेश के प्रति एक सकारात्मक माहौल बना है लेकिन ऐसी स्थिति में अगर निवेश पर इंसेंटिव को समाप्त कर दिया गया तो कहीं ना कहीं उस माहौल को थोड़ा धक्का लगा सकता है। इसलिए उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करें और निवेशकों को दिए जाने वाले इंसेंटिव को बरकरार रखें












