श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस हुई भगवान कपिल देव जी की कथा की अमृत वर्षा:
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आसनसोल :गौशाला प्रांगण में चल रहे श्री मद्भागवत कथा आयोजन के तृतीय दिवस में आज श्री यशोदा नंदन जी महाराज जी की वाणी से भगवान कपिल देव जी की कथा की अमृत वर्षा हुई कथा में बताया बचपन मे ही ध्रव जी ने भगवान श्री नारायण के दर्शन किये। महाराज श्री ने बताया कि
बचपन एक हरे बांस कि तरह होता है जो लचकीला होता है जैसे चाहे उसे मोड सकते है। बचपन मे ही यदि अच्छी और अनुशासित आदत पड़े तो बालक देश और धर्म का
रक्षक बन सकता है। परन्तु बचपन अगर बिगड़ गया तो
वही बालक धर्म से विमुख होकर चलता है।
महाराज श्री ने बताया कि यदि धर्म को बचाना है तो
देश को मजबूती देना होगा, देश सुरक्षित है तो धर्म सुरक्षित है।
साथ ही महाराज जी ने बताया कि अच्छे संस्कार चाहिए तो सत्संग मे अपने बच्चों को ज़रूर भेजें
और वहां उनसे सेवा भी करवाए व स्वयं भी करे।
सेवा में जो झुकता है वही महान बनता है।
जिस पेड़ पर फल नहीं आते
वो न ही किसी को छाया देता
न ही फल। जो मनुष्य जीवन में सेवा करते है
वो मनुष्य में महान कहलाते है।
आज श्री मद्भागवत कथा में
सुन्दर प्रसंग जैसे जड़ भरत जी की कथा, कपिल देव जी की कथा, भक्त प्रहलाद जी की कथा, राजा बली की कथा में दान की महिमा
बताते हुए कहा कि
दो वीर होते है एक वीर वो होता हे जो युद्ध मे वीरता की ताक़त रखता है और दूसरा वीर वो होता हे जो दानवीर होता है। इसी के साथ बहुत से उदाहरण भी दिए।












