उर्दू को पश्चिम बंगाल में दूसरी सरकारी भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग पर पश्चिम वर्धमान जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल की तरफ से मुख्यमंत्री को दिया गया पत्र:
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आसनसोल :पश्चिम बर्धमान जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की तरफ से, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आसनसोल उत्तर विधानसभा के विधायक और पश्चिम बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक के पास उर्दू द्वितीय आधिकारिक भाषा और डब्ल्यूबीसीएस के परीक्षा में 300 मार्क्स के बांग्ला को अनिवार्य किया गया है, जिसको लेकर उर्दू और हिंदी छात्रों के लिए डब्लूबीसीएस परीक्षा में बैठने का दरवाजा बंद कर दिया गया, अगर यहीं उर्दू और हिंदी स्कूल में एक कक्षा से बांग्ला को अनिवार्य किया जाता, तो शायद आज ये उर्दू और हिंदी छात्रों के साथ ये परिशानी नहीं होती,इसलिए, इन (2) मांगों को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, ममता बनर्जी को और आसनसोल के मंत्री, मलय घटक को प्रधान डाक कार्यालय आसनसोल से स्पीड पोस्ट करके उनको याद दिलाया गया, कि आपने वादा किया था, उर्दू को दूसरी सरकारी जबान का दरजा देंगे, लेकिन 13 साल गुज़रने के बाद भी उर्दू को दूसरी सरकारी जबान का दर्जा नहीं दिया गया, इस लिए स्पीड पोस्ट के ज़रिया उनको उनके वादे याद दिलाए गए। इस बारे मे पश्चिम बर्धमान जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर ने कहा कि वह संगठन के अध्यक्ष होने की हैसियत से उर्दू वालों की आवाज़ को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मंत्री मलय घटक तक पहुंचा रहे हैं जो आने वाले दिनों में एक बड़े आंदोलन की शक्ल अख्तियार कर सकती है।












