न्यालय के आदेश के 20 दिन गुजर जाने के बावजूद भी नही खुल पाया मंदिर का ताला, मंदिर की बाहर हुई पूजा:
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आसनसोल :आसनसोल नगर निगम वार्ड संख्या 57 के फतेहपुर ग्राम इलाके मे स्थित धर्मराज काली मंदिर मे चल रहा विवाद ख़त्म होने का नाम नही ले रहा है, मंदिर के पुरोहित संतोष पंडित की अगर माने तो काशीपुर के राजा ने मंदिर बनाने के लिए उक्त जमीन को उनके पूर्वजों को दान मे दिया था, जहाँ उनके पूर्वज मंदिर मे स्थित माँ काली के अलावा माँ दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की पूजा अर्चना करते थे, उनके स्वर्गवास हो जाने के बाद संतोष पंडित उक्त मंदिर मे पूजा अर्चना कर रहे थे, उनकी अगर माने तो उक्त मंदिर मे आसपास के इलाके के लोग भी पूजा अर्चना के लिए आते थे, ऐसे मे उनका आरोप है की इलाके के ही कुछ लोगों ने धीरे -धीरे मंदिर पर अपना अवैध रूप से कब्ज़ा जमाना शुरू किया वह शुरू मे उनके मन मे चल रही मंशा समझ नही पाए जब उन लोगों ने मंदिर मे अपना कब्ज़ा जमाते हुए मंदिर मे ताला लगाकर मंदिर की चाबी अपने पास रख ली तब जाकर संतोष ने उनका विरोध करना शुरू किया, पहले तो उन लोगों से मंदिर का ताला खोलने की अपील की जब वह नही माने तब संतोष मंदिर मे पूजा करने का अपनी पूर्वजों का रिवाज़ जारी रखने के लिए आसनसोल साऊथ पुलिस फाड़ी पहुँच गए और इलाके के लोगों के खिलाफ उनके द्वारा उठाए गए कदम को लेकर शिकायत की, संतोष की शिकायत पर आसनसोल साऊथ पुलिस फाड़ी मौके पर पहुँची दोनों पक्ष की दलिलों को सुना और देखा एक तरफ शिकायत करता संतोष के पास वह सारे जरुरी दस्तावेज उपलब्ध हैं, जिससे यह साबित होता है की उक्त जमीन व जमीन पर बना मंदिर काशीपुर के राजा द्वारा संतोष पंडित के पूर्वजों को दान मे दिया गया है और वही इस मंदिर का पुजारी है और मंदिर का देखभाल करने वाला भी वहीं दूसरी तरफ जो लोग उक्त मंदिर पर अपना कब्ज़ा जमाना चाह रहे हैं जिन्होने मंदिर मे अपना ताला लगा रखा है उन लोगों की संख्या मंदिर के पुरोहित संतोष पंडित से ज्यादा है और कोई पुलिस की एक भी बात सुनने को तैयार नही है, ऐसे मे पुलिस ने मामले मे खुद कोई ठोस कदम नही उठाते हुए मामला आगे न्यालय मे भेज दिया, जिसके बाद 12 जुलाई 2023 से यह मामला आसनसोल जिला अदालत मे चल रहा था, जिसपर अदालत ने संतोष पंडित के पक्ष मे फैसला सुनाया जिस फैसले पर आसनसोल साऊथ पुलिस फाड़ी फतेहपुर ग्राम धर्मराज मंदिर का ताला खुलवाने पहुँची, पर मंदिर मे ताला लगाने वाले लोग पुलिस से नही मिले जिस कारण न्यालय के आदेश के बाद भी मंदिर का दरवाजा नही खुल पाया, जिस कारण संतोष पंडित ने माँ काली की पूजा मंदिर के बाहर ही की, बीस दिनों के बाद माँ शीतला की पूजा थी मंदिर का दरवाजा मंगलवार को भी बंद था संतोष ने आसनसोल साऊथ पुलिस फाड़ी को घटना की जानकारी दी और मंदिर का ताला खुलवाने की अपील की के वह मंदिर मे माँ शीतला की पूजा कर सकें, संतोष की अपील पर पुलिस मौके पर पहुँची, मंदिर का ताला खुलवाने के लिये कई प्रयास किए पर मंदिर मे ताला लगाने वाले सामने नही आए, जिस कारन मंगलवार को भी संतोष ने माँ शीतला की पूजा मंदिर के बाहर ही की इस दौरान पुलिस बल मंदिर परिसर के बाहर ही तैनात रही इस लिए की पूजा के दौरान कोई अप्रिय घटना ना घट जाए, इस दौरान संतोष ने यह आरोप लगाया की इलाके के लोगों ने 16 आना कमिटी बनाकर मंदिर पर अवैध रूप से पहले कब्ज़ा कर लिया और फिर उनको व उनके परिवार के सदस्यों को मंदिर मे प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगा दिया उन्हें मंदिर मे पूजा नही करने दिया जा रहा, अब -जब न्यालय ने आदेश दिया है तब उस आदेश का भी यह लोग पालन नही कर रहे हैं, मजबूरन उनको मंदिर के बाहर ही पूजा करना पड़ रहा है, उन्होंने कहा भले ही उनको न्यालय से जीत मिली है पर यह जीत पुलिस प्रशासन के लिए एक विफलता व न्यालय के आदेशों का अवहेलना का मामला भी बनकर सामने आई है












