दुर्गा पूजा के सुचारू आयोजन में आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की भुमिका रही सराहनीय:
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आसनसोल :हर साल की तरह इस साल भी पुरे धुमधाम के साथ बंगाल का सबसे बड़ा त्यौहार दुर्गा पूजा मनाया गया। जैसा कि हम सब जानते हैं कि दुर्गा पूजा के चार दिन बंगाल के लोग बेहद उत्साहित रहते हैं और साल भर के अपने दुख दर्द और रोजमर्रा की जिंदगी की तकलीफों को भूलाकर मां दुर्गा की पूजा अर्चना में लीन रहते हैं इसके साथ ही सड़कों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है जो विभिन्न पंडालों की तरफ जाते हैं और पंडालो का अवलोकन करते हैं उनकी सजावट और बनावट को देखकर मंत्रमुग्ध होते हैं । बाजारों में भी इन चार दिनों में काफी चहल पहल रहती है विभिन्न पूजा मंडपों में जाने वाले दर्शनार्थी अपने पूरे परिवार के साथ विभिन्न होटलों और अन्य फूड स्टॉल पर उमड़ते हैं और तमाम लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाते हैं लेकिन इन सब में पुलिस प्रशासन की भूमिका कहीं न कहीं हमारी नजरों से ओझिल रह जाती है। दुर्गा पूजा के चार दिन 24 घंटे पुलिस तथा ट्रैफिक विभाग के जवान मुस्तैद रहते हैं ताकि कहीं कोई अप्रिय घटना ना घटे पुलिस तथा ट्रैफिक विभाग के जवानों को अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका नहीं मिलता उनको अपने कर्तव्य निभाने के लिए दिन-रात मुस्तैद रहना पड़ता है जब हम छोटी से छोटी बात पर भी पुलिस तथा ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों तथा कर्मियों की आलोचना करते हैं तब हमें त्योहारों के इन दिनों को याद करना चाहिए हमें यह समझना चाहिए कि त्योहारों के इन दिनों में पुलिस तथा ट्रैफिक विभाग के लिए अधिकारी और कर्मी अपने परिवारों से दूर रहते हैं तब कहीं जाकर हम अपने परिवारों के साथ इन त्योहारों को सुरक्षित रूप से मना पाते हैं । पूजा के बाद विसर्जन और अखाड़ों को भी समुचित रूप से आयोजित करने की बड़ी जिम्मेदारी पुलिस विभाग पर होती है। ट्रैफिक पुलिस की भी इसमें अहम भूमिका रहती है। आम जनता तो उस समय मौके पर जाती है जब कार्यक्रम का आयोजन होता है लेकिन ट्रैफिक विभाग तथा पुलिस के अधिकारियों को कार्यक्रम से कई दिनों पहले तथा उसके बाद भी मुस्तैद रहना पड़ता है। बीते कुछ समय से जिस तरह से आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिस्नोरेट इलाके में बेहद शांतिपूर्ण तरीके से विभिन्न त्योहारों का आयोजन हो रहा है उसके लिए निश्चित रूप से प्रशासन की सराहना की जानी चाहिए।












