*शुभ दीपावली पर मानवीय पहल: ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को छाता और दीप उपहार देकर मुस्कान बांटी डॉ. शुभम मुखोपाध्याय ने*
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आसनसोल :शुभ दीपावली के पावन अवसर पर एक मानवीय पहल ने सभी का दिल जीत लिया। भाजपा कार्यकर्ता डॉ. शुभम मुखर्जी ने दीपावली की शुभ बेला में उन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पास जाकर उनका सम्मान किया, जो प्रतिदिन धूप-बारिश की परवाह किए बिना सड़क पर खड़े रहकर हमारी सुरक्षा के लिए निरंतर काम करते हैं। अक्सर त्योहारों के दिन हम अपने परिवार के साथ खुशियां मनाते हैं, लेकिन ये पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर, सड़क पर ड्यूटी पर तैनात रहते हैं ताकि हम सुरक्षित रूप से अपने घर पहुंच सकें और त्योहार का आनंद ले सकें। उनकी इसी निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने के लिए डॉ. शुभम मुखर्जी ने एक खास पहल की। उन्होंने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी की सुविधा के लिए उनके हाथों में धूप से सुरक्षा के लिए छाता सौंपा। साथ ही उनके परिवार के लिए दीपावली के उपहार के रूप में रंग-बिरंगे दीप भेंट किए। यह छोटा सा उपहार भले ही मामूली लगे, लेकिन इसके पीछे की भावना बहुत बड़ी थी — कि समाज उन्हें भूला नहीं है, समाज उनके साथ है। इस अवसर पर डॉ. शुभम मुखर्जी ने कहा कि ये पुलिसकर्मी भी हमारे समाज के ही एक सदस्य हैं। जो लोग अपनी बात सोचे बिना हमारी सुरक्षा में लगे रहते हैं, उनके चेहरे पर थोड़ी सी मुस्कान लाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। त्योहार का असली आनंद तभी है जब हम उन लोगों को भी याद करें जो हमारे लिए अपना त्योहार कुर्बान कर देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ, समाज के साथ और हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले हर व्यक्ति के साथ हम हमेशा थे, हैं और आने वाले दिनों में भी रहेंगे।

इस पहल को देखकर वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी खुशी झलक उठी। उन्होंने डॉ. शुभम मुखर्जी का आभार व्यक्त किया और कहा कि ड्यूटी के दौरान इस तरह का सम्मान और प्यार उन्हें और अधिक उत्साह के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।
स्थानीय लोगों ने भी इस मानवीय पहल की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि दीपावली केवल दीये जलाने और मिठाई बांटने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दूसरों के जीवन में रोशनी लाने का त्योहार है। डॉ. शुभम मुखर्जी ने यही संदेश दिया है कि मानवता ही उत्सव का असली प्रकाश है।
दीपावली के इस शुभ अवसर पर यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई है। यदि हर व्यक्ति अपने आसपास के ऐसे कर्मवीरों का सम्मान करे, तो समाज में प्रेम, सद्भाव और मानवता की रोशनी और भी अधिक फैलेगी।














